एक रहस्य – नेता जी सुभाष चन्द्र बोस | Subhash Chandra Bose in Biography Hindi

एक रहस्य – नेता जी सुभाष चन्द्र बोस 

Subhash Chandra Bose in Biography Hindi : सुभाष चन्द्र बोस बचपन से ही वह बहुतविचारशील थे। चौदह वर्ष की आयु में सुभाष चन्द्र बोस शांति की प्राप्ति के लिए हिमालय की ओर निकल गए किन्तु उन्हें शांति नहीं मिली तो फिर घर लौट आए। कालेज जीवन में, जब अंग्रेज प्रिंसिपल ने देश के बारे में आपत्तिजनक बातें कीं, तो उसकी पिटाई कर दी फलतः कालेज से निष्कासित कर दिए गए। किन्तु कुलपति सर आशुतोष मुखर्जी के हस्तक्षेप के पश्चात् विश्वविद्यालय में सुभाष चन्द्र बोस ने पुनः प्रवेश प्राप्त कर दर्शन शास्त्र में आनर्स की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। पश्चात आई.सी.एस. परीक्षा में चतुर्थ स्थान (अंग्रेजी के प्रश्न पत्र में सर्वाधिक अंक) प्राप्त किये किन्तु सुभाष चन्द्र बोस ने अंग्रेजों की नौकरी करने से इंकार कर दिया। वापस भारत आकर, नेता जी गांधी जी से मिले, जो लोकमान्य तिलक की मृत्यु के पश्चात् कांग्रेस के नेता बनने में सफल हो गए थे।

Subhash Chandra Bose in Biography Hindi
Subhash Chandra Bose in Biography Hindi

सुभाष चन्द्र बोस उर्फ़ नेता जी कांग्रेस में शामिल हो गए। सन् 1938 में वह कांग्रेस के अध्यक्ष चुन लिए गए (सर्व सम्मति से) 1939 में वह गांधी जी की इच्छा के विरुद्ध अध्यक्ष पद के लिए पुनः खड़े हुए और गांधी जी के उम्मीदवार पट्टाभिसीतारामैया को हरा कर पुनः कांग्रेस के अध्यक्ष बने। जब गांधी जी और उनके साथियों  ने सहयोग करने से इंकार कर दिया तो नेता जी सुभाष चन्द्र बोस ने अध्यक्ष पद से त्याग पत्र दे दिया। इस पर भी जब गांधी जी के चहेतों को तसल्ली नहीं हुई तो उन्होंने नेता जी को तीन वर्ष के लिए कांग्रेस से निष्कासित करवा दिया। तब नेताजी नेफारवर्ड ब्लाकनामक दल का गठन किया।

आगे के कार्यक्रम के लिए सुभाष चन्द्र बोस नेताजी वीर सावरकर से मिले। वीर सावरकर ने उन्हें जर्मनी जाने की सलाह दी। तदनुसार नेता जी वेश बदल कर जर्मनी पहुंचे और उन्होंने हिटलर से सहायता मांगी, जिसे उसने सहर्ष स्वीकार कर लिया। जर्मनी से सिंगापुर आकर आजाद हिन्द फौज की कमान संभाली और अंडमान तक आ कर अंग्रेजी सेना को करारी शिकस्त दी। जब जापान ने हथियार दाल दिए तो नेता जी को अपना फौजी अभियान छोड़ना पड़ा। आगे सहायता के लिए वह रूस जा कर स्टालिन से मिलना चाहते थे किन्तु उसके बाद क्या हुआ कोई नहीं बताता।

आज भी यह एक रहस्य बना हुआ है की नेता जी जीवित हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है। लेकिन आज भी नेता जी सुभाष चन्द्र बोस भारतीयों के दिल पर राज करते हैं। Subhash Chandra Bose in Biography Hindi अच्छी लगी हो तो शेयर करें। 

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