Rudraksha Benefits: जानें रुद्राक्ष का महत्व, जानिए कौन सा रुद्राक्ष पहनने से मिलेगा आपको लाभ 

Rudraksha Benefits: जानें रुद्राक्ष का महत्व, जानिए कौन सा रुद्राक्ष पहनने से मिलता है क्या लाभ, आपके लिए कौन है सा बेस्ट 

rudraksha benefits in hindi
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रुद्राक्ष का महत्व

रुद्राक्ष (Rudraksha) बहुत पवित्र फल माना गया है। रुद्राक्ष (Rudraksha) की वनस्पति (वृक्ष) नेपाल के क्षेत्र में अधिक पाये जाते हैं। रुद्राक्ष को शिव का वरदान भी कहते हैं। यह मोक्ष का प्रतीक भी है। रुद्राक्ष प्राकृतिक देन है जो मानव जीवन की आध्यात्मिक सफलता, भौतिक सफलता एवं शारीरिक चिकित्सा इन तीनों क्षेत्रों के लिये काम आता है। रुद्राक्ष (Rudraksha) की बढ़ती मांग को देखकर तमाम ठग भी पैदा हैं जो कि नकली रुद्राक्ष को असली कहकर लोगों को देने का कार्य कर रहे हैं जबकि बुद्धिजीवी व्यक्ति कभी भी इससे ठगता नहीं है बल्कि असली-नकली रुद्राक्ष की पहचान करके ही इसे इस्तेमाल करता है। कई व्यक्ति रुद्राक्ष (Rudraksha) के ऊपर कलाकृति बनाकर शिवलिंग सर्प आदि बनाकर उसे असली बताकर लोगों को देने का कार्य भी रहे हैं।

एकमुखी रुद्राक्ष (Ek Mukhi Rudraksha) सबसे अधिक श्रेष्ठ, लाभदायक एवं दुर्लभ माना गया है। यह एकमुखी रुद्राक्ष (Ek Mukhi Rudraksha) बहुत ही कम मिलता है। कहते हैं कि एकमुखी रुद्राक्ष (Ek Mukhi Rudraksha) पेड़ में एक ही होता है और यह शनि रत्न नीलम के चमत्कार की भांति व्यक्ति के जीवन को परिवर्तित करता है। यश, कीर्ति, पद-प्रतिष्ठा सफलता का द्योतक इसे कहा गया है।

Rudraksha Benefits: रुद्राक्ष को विज्ञान में भी बहुत असरकारक माना गया है। इससे कई बीमारियों से बचाव होता है।

जो रुद्राक्ष का व्यापार करते हैं उसमें दस प्रतिशत ही श्रेष्ठ सत्य व्यापारी हैं जो एकमुखी सही रुद्राक्ष दे सकते हैं मगर जो नब्बे प्रतिशत रुद्राक्ष बनाकर देने का कार्य करते हैं वे एकमुखी रुद्राक्ष (Ek Mukhi Rudraksha) को बाजार में सब्जी-भाजी के मोल पर बेचते हैं और किसी भी फल या बेर आदि में एक धारी बनाकर उसे एक मुखी की तुलना देते हैं। दो मुखी या पंचमुखी रुद्राक्ष की सारी धारियाँ चिपकाने वाले पदार्थ से भरकर केवल एक ही धारी छोड़कर उसे एकमुखी बताकर ठग कार्य चला रहे हैं। क्योंकि वे कितना जानते हैं कि रुद्राओं में एकमुखी रुद्राक्ष (Ek Mukhi Rudraksha) सबसे अधिक दुर्लभ है इसे हर व्यक्ति लेने की इच्छा भी रखता है।

असली रुद्राक्ष कैसे पहचानें ? How to Identify Rudraksh Real or Fake – Rudraksh Asli ya Nakli

असली रुद्राक्ष कैसे पहचानें ?
असली रुद्राक्ष कैसे पहचानें ?

असली या नकली रुद्राक्ष (Rudraksh Asli ya Nakli) की पहचान बड़ी ही सरलता से की जा सकती है। यदि हम एक बर्तन में पानी लेकर रुद्राक्ष को उसमें डालें तो जो रुद्राक्ष असली (Asli Rudraksh) होगा वह पानी के अंदर डूब जायेगा और जो रुद्राक्ष नकली (Nakli Rudraksh) होगा वह पानी के अंदर नहीं डूबेगा वह तैरता ही रहेगा। तैरने वाला हल्का रुद्राक्ष नकली (Nakli Rudraksh) होता है। जो रुद्राक्ष शहद में डालने पर नीचे तली में बैठ जाये वह असली (Asli Rudraksh) है, जो शहद में डालने पर ऊपर तैरता रहे वह रुद्राक्ष नकली है। इस प्रकार से असली-नकली रुद्राक्ष (Rudraksh Asli ya Nakli) की पहचान बड़ी आसानी से की जा सकती है।

रुद्राक्ष के मुख की पहचान | Rudraksh Ke Mukh ki Pehchan 

रुद्राक्ष (Rudraksha) के ऊपर जो भी धारियाँ उसके एक ध्रुव तक बनी होती हैं एक छिद्र से दूसरे छिद्र तक ये खड़ी धारियाँ ही रुद्राक्ष के मुख कहलाती हैं। रुद्राक्ष कितने मुख का इन धारियों को गिनकर ही रुद्राक्ष को उतना मुखी घोषित किया जाता है। यदि उस रुद्राक्ष पर एक धारी है तो एकमुखी (Ekmukhi Rudraksha)कहलायेगा और रुद्राक्ष फल पर दो धारियाँ हैं तो दोमुखी (Do Mukhi Rudraksha) कहलायेगा। इस प्रकार से 14 मुखी तक के ये रुद्राक्ष देखने में आते है। मगर पाँच मुखी रुद्राक्ष (Panch Mukhi Rudraksh) सबसे अधिक प्रचलन में हैं। यह काफी सस्ता होने से इसकी मालायें लोग पहनते हैं।

कौन सा रुद्राक्ष किस ग्रह का है ? Rashi Ke Anusar Rudraksh

इसमें देखने में ये आता है की किस राशि को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए? ( Kis Raashi ko kaun sa Rudraksha pehanna chahiye? ) ये लोगों के लिए बहुत ही मुश्किल सवाल है आइये इसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं : 

एकमुखी रुद्राक्ष (Ekmukhi Rudraksha) जो बहुत ही श्रेष्ठ दुर्लभ माना गया है वह सूर्य का है और

दो मुखी रुद्राक्ष (Do Mukhi Rudraksha) चंद्रमा का चंद्रमा मन, मस्तिष्क का स्वामी होता है। दो मुखी रुद्राक्ष (Do Mukhi Rudraksha) मस्तिष्क की शक्ति ऊर्जा बढ़ाने हेतु पहना जाता है। विद्यार्थी के लिये कम्पीटीशन में भाग लेने के लिये शुभ रहता है।

तीन मुखी रुद्राक्ष (Teen Mukhi Rudraksha) मंगल ग्रह का है। चार मुखी (Char Mukhi Rudraksha)बुध का है, पांच मुखी (Panch Mukhi Rudraksha) गुरु का रुद्राक्ष है।

6 मुखी रुद्राक्ष (Che Mukhi Rudraksha)शुक्र ग्रह का माना गया है। 7 मुखी (Sat Mukhi Rudraksha) शनि का रुद्राक्ष है।

8 मुखी (Ath Mukhi Rudraksha) राहु का है और 8 मुखी शनि के आठ अंक के कारण और राहु शनि का अधिमित्र होने के कारण राहु और शनि दोनों का यह 8 मुखी रुद्राक्ष (Ath Mukhi Rudraksha) माना गया है। 9 मुखी (Nau Mukhi Rudraksha) से अधिक के जो भी रुद्राक्ष होते हैं उन्हें विभिन्‍न प्रकार की सफलता एवं कार्यसिद्धि के लिये कभी-कभी धारण किया जाता है। आठ मुखी रुद्राक्ष का नम्बर दूसरे क्रम में दुर्लभता के आधार पर माना गया है। शनि की साढे साती में 8 मुखी के पांच रुद्राक्ष काले धागे में पहनना शुभफलदायक होता है

9 मुखी केतु (No Mukhi Rudraksha) का रुद्राक्ष है। रुद्राक्ष और ग्रह से उसके संबंध को एक तालिका द्वारा समझा जा सकता है और कौन से रुद्राक्ष कौन सी राशि वाले को पहनना चाहिये या किस आवश्यकता के लिये पहनना चाहिये यह देखना अनिवार्य होता है। रोगों की चिकित्सा में ग्रह दोष-द्वारा उत्पन्न कष्ट को शांति के लिये रुद्राक्ष का धारण करना लाभदायक सिद्ध होता है। इसलिये अक्सर राशिफल विचार में दिया होता है कि आप पर शनि का समय चल रहा है आप पंचमुखी रुद्राक्ष (Panch Mukhi Rudraksha) पहनें।

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